केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पांच बैंकों के समूह को 210 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में एक निजी कंपनी और उसके तीन निदेशकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित मित्तल चैंबर्स में इंडियन बैंक की स्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट शाखा की शिकायत पर की गई है।
CBI ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। आरोप है कि कंपनी और उसके निदेशकों ने आपराधिक साजिश रचकर इंडियन बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से 541.46 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट सुविधा, टर्म लोन और लेटर ऑफ क्रेडिट हासिल किए।
CBI के अनुसार, कंपनी ने व्यवस्थित तरीके से वित्तीय अनियमितताएं कीं। इसमें बैंकों के समूह से बाहर के अन्य बैंकों में गुप्त खाते संचालित करना और समान निदेशकों वाली कंपनियों तथा सहयोगी कंपनियों के माध्यम से लेटर ऑफ क्रेडिट का भुगतान दायित्व उत्पन्न करना शामिल है।
आरोप है कि कंपनी ने बैंकों से प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया, जिनके लिए ऋण मंजूर किए गए थे। इसके अलावा, कंपनी ने कथित तौर पर सहयोगी कंपनियों के माध्यम से धनराशि को दूसरी जगह हस्तांतरित कर दिया और उसका दुरुपयोग किया। इससे बैंकों को आर्थिक नुकसान हुआ।
FIR दर्ज करने के बाद CBI ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कंपनी के निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान संबंधित अवधि के लेजर खाते और जांच से जुड़े अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर लिया गया।
